आओ आज एक बार फिर एक दुसरे को प्यार करें...
खो जाएँ एक दुसरे की यादों में...
वो सुनहरी यादें जिस में बस मैं रहूँ तुम रहो...
वो पहली मुलाकात वो... पहला इजहार...
वो पहली बारिश का मौसम... वो पहला तकरार...
वो रूठना मनाना... वो ठंडी हवाओं का बहना...
वो तुम्हारे घर के सामने बैठ कर...
घंटो तुम्हारा इंतज़ार करना...
वो चोरी छिपे मिलना... वो सुनसान राहों पर चलना...
वो छोटी छोटी बातों पर झगरना...
और फिर उन्ही बातों को याद कर जोर जोर से हसना...
वो घंटो एक दुसरे से बात करना...
और फिर एक कॉल मिस हो जाने पर रूठ जाना...
आओ आज एक बार फिर एक दुसरे को प्यार करें...
खो जाएँ एक दुसरे की यादों में...
कल पता नहीं क्या होगा... वो तो एक अन्धकार है...
कल को सोच कर हम क्यूँ अपने आज को बर्बाद करें...
आओ फिलहाल जी लें इन लम्हों को...
आओ एक बार फिर एक दुसरे को प्यार करें....

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