Saturday, 30 April 2011

आगे पता नहीं क्या होगा...इन लम्हों को फिलहाल जी लेने दे

तुम्हारे साथ बताये हर लम्हे को...
मैं अपने साथ संजोग कर रखता हूँ...
ना जाने जीवन के किस लम्हे में..
मुझे तेरी याद आ जाये..
और जिस लम्हे में तुझे मेरी याद आ जाये...
उस लम्हे में तू कभी गम मत करना...
मुस्कुरा देना उस लम्हे में..
अपनी आखों को कभी तू नम मत करना..!!!!

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