Monday, 28 November 2011

"तेरी अंगूठी"


मेरे पास आज भी तेरी 
        एक जिंदा निशानी है 
मेरे हर सांस में बहती 
         बस तेरी रवानी है
तुम्हे याद न हो शायद
         मैं तुम्हें बताता हूँ
तेरी दी हुई "अंगूठी" ही
         बीते यादों की निशानी है....

एहसास आज भी तेरा 
        बहता रगों में लहू बनकर
तुम दूर हो नहीं सकती
       ये बात तुम्हे बतानी है
तुम्हें भूलूं तो कैसे मैं ,
        इजाजत है नहीं मुझको
तुझे भूलने की सोचूं  तो
        भी तेरी याद आती है

तुने दूर जाने को कहा
        सो लो मैं चला गया
लगा ज़िन्दगी रुक सी गयी 
        ये बात तुम्हे बतानी है
अब साँस तो बस मेरी 
        तेरी याद में चला करती है
इन आखों में तो बस 
        तेरी तस्वीर बसा करती है....

मेरे पास आज भी तेरी 
        एक जिंदा निशानी है
तेरी दी हुई "अंगूठी" ही
        बीते यादों की रवानी है !!!!

"तेरी यादें "



तुमसे हसीन शायद तुम्हारी यादें है सनम
लगता है जीवन भर इन्हे न भूल पाएँगे हम !!

          मुझे आज भी याद आता है
          हर वो गुजरा हसीन पल
          जब बुनते थे केवल हसीन ख्वाब
          और सोचते थे कैसा होगा कल

याद कर के उन यादों को निकलता है दम
लगता है जीवन भर इन्हे न भूल पाएँगे हम  !!

          तुम शरमाते हुए आती थी
          बाहोँ में आके समाती थी
          जन्नत भी फीका लगता था
          जब तुम धीरे से मुस्कुराती थी

कहाँ चले गए वो प्यार के मौसम ???
लगता है जीवन भर इन्हे न भूल पाएँगे हम !!!!

Sunday, 27 November 2011

जीवन का अर्थ ''साकी'' से है



मेरी आरजू तुम्ही से है
ये जुफतजू तुम्ही से है
मेरा दिल कहता है मुझसे,
ये धरकने तुम्ही से है

          तुम्ही से जुडी आशाएँ
          ये उमंग तुम्ही से है
          ये नश्वर जिस्म की
          हर साँस तुम्ही से है

ये रंगीनियत तुम्ही से है
ये तमनाएँ तुम्ही से है
मेरी उमंग मेरी ख्वाहिशें
बस तुम्ही से है  !!!!!

अश्क...

                                   

जब भी बढ़ती है, गम की स्याही
      दीप अश्कों से हम जलाते हैं

दिल तो नाजुक सा सीसा है
      ये तो बातों से टूट जाता है

कौन रोता है बेवजह "राहुल"  ???
      गम की दरिया से अश्क आते हैं

वक़्त आने पे, देखा है हमने
      अक्सर, खास रिश्ते भी टूट जाते हैं  !!!!